IMA के पास 20 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित थी इस्लामिक यूनिवर्सिटी, सीएम धामी ने मांगी रिपोर्ट

उत्तराखंड के देहरादून से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा कर रख दी है। मामला देश की सबसे प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी यानी IMA की सुरक्षा में सेंध लगाने का है। बता दें देश के सबसे संवेदनशील सैन्य संस्थानों में से एक IMA देहरादून के पास मुस्लिम बस्ती बसने की खबर से प्रदेशभर में में हड़कंप मचा हुआ है।

इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) एक ऐसी जगह जहां सेना के जाबाज अफसर तैयार होते हैं। उसी के पास कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाकर एक ऐसी बस्ती बसाई जा रही है। जो आने वाले वक्त में उत्तराखंड के लिए खतरे का सबब बन सकती है। पूरा मामला देहरादून के ग्राम हरियावाला धौलास का है। जहां इंडियन मिलिट्री एकेडमी के पास करीब 20 एकड़ जमीन को कुछ साल पहले शेखुल हिंद ट्रस्ट ने खरीदा था।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस की सरकार के दौरान, जब एन.डी. तिवारी मुख्यमंत्री थे, तब इस ट्रस्ट को यहां एक इस्लामिक शिक्षण संस्थान बनाने की परमिशन मिली थी। इस जगह पर एक मदरसा या मुस्लिम यूनिवर्सिटी बननी थी। इसके लिए ये 20 एकड़ कृषि भूमि खरीदी गई थी। लेकिन जब सेना को इसकी भनक लगी, तो IMA ने इसके लिए तुरंत लाल झंडी दिखा दी। सेना ने साफ कहा कि ये इलाका बेहद संवेदनशील है, यहां ना तो घनी आबादी बस सकती है और ना ही कोई बाहरी संस्थान। जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

साल 2010 में हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि इस ज़मीन का लैंड यूज़ नहीं बदला जाएगा। यानी यहां खेती हो सकती है, लेकिन पक्का निर्माण नहीं। कोर्ट ने ये तक कहा कि अगर ज़मीन बिकी भी, तो वो कृषि भूमि ही रहेगी और बिक्री से मिलने वाला पैसा भी सामाजिक कामों में ही इस्तेमाल किया जाएगा। कोर्ट के आदेश को ताक पर रखकर, ट्रस्ट ने देहरादून के रईस अहमद नाम के एक शख्स को पावर ऑफ अटॉर्नी थमा दी। जिसके बाद खेती की ज़मीन पर रातों-रात सड़कें बिछ गईं, बिजली के खंभे गड़ गए और प्लॉटिंग शुरू हो गई।

जांच में सामने आया कि 20 एकड़ की ये जमीन पहले 15 लोगों को बड़े टुकड़ों में बेची गई और फिर इन 15 लोगों ने आगे 80 खरीददारों को छोटे-छोटे प्लॉट बेच दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक्शन मोड में आ गए हैं। सीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ये बेहद संवेदनशील मामला है। जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की गई है। किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *