प्रमुख मंदिरों का उदाहरण देते हुए कहा कि बदरीनाथ-केदारनाथ धाम का संचालन अधिनियम के तहत किया जाता है, जबकि जागेश्वर मंदिर का प्रबंधन जिला प्रशासन की निगरानी में समिति के माध्यम से होता है। देश के बड़े मंदिरों में भी सरकारी निगरानी या वैधानिक व्यवस्था है। धार्मिक ट्रस्टों का पंजीकरण ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के तहत होता है, इसलिए ट्रस्ट डीड, पंजीकरण प्रमाणपत्र, ट्रस्टियों का विवरण, संपत्ति और वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। ग्रामीणों व सम्मानित लोगों को भी ट्रस्ट प्रबंधन में शामिल करने की मांग की है।