कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या पर नई मुसीबत, बरेली का आलीशान तिमंजिला ड्रीम हाउस बीडीए के रडार पर, जानें कारण – Uttarakhand Surya

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या पर नई मुसीबत, बरेली का आलीशान तिमंजिला ड्रीम हाउस बीडीए के रडार पर, जानें कारण

अलग-अलग गाटा संख्या में दर्ज है जमीन: फार्म हाउस परिसर की जमीन अलग-अलग गाटा संख्या में विभिन्न लोगों के नाम पर दर्ज हैं. बीडीए से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के नाम पर 3300 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा दर्ज है. वहीं, अन्य गाटा संख्या की जमीन कृष्णा वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम पर दर्ज बताई गई है. इस कंपनी में शेयरधारिता से संबंधित जानकारी का उल्लेख रेखा आर्या के चुनावी हलफनामों में होने की बात भी सामने आई है.

बीडीए अधिकारी ने की पुष्टि: बीडीए के विशेष कार्याधिकारी अजीत सिंह ने मीडिया को बताया है कि-

लालपुर में बने फार्म हाउस का मानचित्र स्वीकृत नहीं है. परिसर में कई गाटा संख्या की जमीन अलग-अलग लोगों के नाम पर दर्ज है. रेखा आर्या के नाम पर 3300 वर्ग मीटर भूमि दर्ज होने के साथ ही कुछ जमीन कृष्णा वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम पर भी है. प्राधिकरण की ओर से संबंधित अभिलेखों की जांच की जा रही है.
-अजीत सिंह, विशेष कार्याधिकारी, बरेली विकास प्राधिकरण-

बीडीए यानी बरेली विकास प्राधिकरण के सचिव हिमांशु गुप्ता ने बताया कि-

बीडीए में वर्ष 2024 में एक फाइल कंपाउंडिंग के लिए अपलाई की गई थी. इस बीच कोर्ट की सख्ती से कुछ नए नियम कानून आए. लेकिन पार्टी ने इस मामले में कोई रुचि नहीं ली. इसके बाद जनवरी 2026 में बीडीए द्वारा एक नोटिस कमी पूरी करने के लिए दिया गया. फिर सितंबर 2026 में एक नोटिस भी दिया गया. इस बीच पार्टी द्वारा तीन महीने का समय मांगा गया, लेकिन फिर भी पार्टी द्वारा उन कमियों को दूर नहीं कराया गया. फिलहाल मामले में कार्रवाई जारी है. इसके बाद भी जबाव नहीं मिलता है तो बीडीए अपने नियम और कानून का पालन करते हुए कार्रवाई करेगा.
-हिमांशु गुप्ता, सचिव, बीडीए-

बीडीए सचिव ने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट कि इस कोठी का मानचित्र स्वीकृत नहीं है.

जांच के नतीजों पर टिकी नजर: फिलहाल, फार्म हाउस के निर्माण, मानचित्र की स्थिति, कंपाउंडिंग के लिए किए गए आवेदन और जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही बीडीए की ओर से आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी. वायरल वीडियो और विपक्ष के आरोपों के बीच इस मामले पर राजनीतिक और सार्वजनिक हलकों की नजर बनी हुई है.

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का मामला क्या है? उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच पारिवारिक विवाद, मारपीट, धोखाधड़ी और हत्या की साजिश के गंभीर आरोप-प्रत्यारोप का मामला चर्चा में है. रेखा आर्या ने आरोप लगाया कि पति गिरधारी ने पहली शादी छुपाकर उनसे धोखे से विवाह किया, मारपीट व मानसिक उत्पीड़न किया. साथ ही फर्जी हस्ताक्षर कर कंपनियों के निदेशक पद से हटाया. मंत्री ने कथित ऑडियो साझा कर दावा किया कि उनके पति व अन्य द्वारा उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है.

पति गिरधारी ने पत्नी रेखा आर्या पर लगाए हैं भ्रष्टाचार के आरोप: इसके बाद रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू ने भी एक के बाद एक कई वीडियो जारी किए. गिरधारी लाल साहू ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए ऑडियो को एआई-जनरेटेड बताया और रेखा आर्या पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए. गिरधारी लाल साहू ने रेखा आर्या की कथित संपत्ति को लेकर भी गंभीर दावा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि रेखा आर्या के पास लगभग 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है. गिरधारी लाल साहू ने अपने बयान में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े कामकाज का बात करते हुए कहा उन्होंने हमेशा भ्रष्टाचार का विरोध किया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *