पहाड़ में खेती को मिलेगी नई रफ्तार, जापान के 500 करोड़ से संवरेंगे 16 ब्लॉक – News Blue 24 – Uttarakhand Surya

पहाड़ में खेती को मिलेगी नई रफ्तार, जापान के 500 करोड़ से संवरेंगे 16 ब्लॉक – News Blue 24

उत्तराखंड के चार पर्वतीय जिलों के 16 ब्लॉकों में करीब 500 करोड़ रुपये के जायका प्रोजेक्ट से खेती को बढ़ावा दिया जाएगा.

देहरादून (उत्तराखंड): उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए करीब 500 करोड़ रुपये का जायका प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है. जापान सरकार के वित्तीय सहयोग से चल रही इस परियोजना के तहत प्रदेश के चार जिलों पिथौरागढ़, नैनीताल, टिहरी और उत्तरकाशी को शामिल किया गया है. इन जिलों के 16 ब्लॉकों में फल और सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही किसानों को बाजार से जोड़ने की व्यवस्था विकसित की जाएगी.

किसानों को उपज का मिलेगा बेहतर मूल्य: परियोजना को साल 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.खास बात यह है कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि खेत से लेकर बाजार तक ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके. इसके लिए उत्पादन, भंडारण, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग पर एक साथ काम किया जाएगा. साथ ही किसानों को किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से जोड़ने की योजना है, ताकि वे संगठित होकर अपनी उपज की बिक्री कर सकें.

चार जिलों के 16 ब्लॉकों में होगा काम: जायका प्रोजेक्ट के तहत चारों जिलों में चार-चार ब्लॉक चयनित किए गए हैं. इन क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों और संभावनाओं के अनुसार फल एवं सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा. पर्वतीय क्षेत्रों में बागवानी और सब्जी उत्पादन की संभावनाओं का बेहतर इस्तेमाल करते हुए किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा.

आधुनिक तकनीकों पर जोर: परियोजना के तहत भंडारण सुविधाओं को विकसित करने, कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन करने और किसानों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे. विशेषज्ञ सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचकर उन्हें आधुनिक तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों की जानकारी देंगे. इससे किसानों को उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने और बाजार की जरूरतों के अनुसार खेती करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

परियोजना को सफल बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम लगाई गई है, ताकि इसके बेहतर परिणाम सामने आ सकें. विभाग की कोशिश है कि साल 2029 तक निर्धारित लक्ष्यों को हासिल किया जाए और इस मॉडल को दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण के रूप में विकसित किया जा सके.
-सुरेंद्र नारायण पांडेय, सचिव, कृषि विभाग-

देरी के बाद अब 2029 तक पूरा करने पर फोकस: जायका प्रोजेक्ट साल 2022 में सामने आया था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसकी शुरुआत में देरी हुई और साल 2025 में काम शुरू हो सका. परियोजना की धीमी गति को देखते हुए अब कृषि विभाग ने इसे निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया है.हाल ही में शासन और कृषि विभाग के अधिकारियों की एक टीम जापान का दौरा कर लौटी है. इस दौरान परियोजना को लेकर चर्चा की गई. विभाग ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों और कृषि विशेषज्ञों की समर्पित टीम भी तैयार की है, जो चारों जिलों में परियोजना से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाएगी.




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