फ्रेंडशिप शील्ड देकर होगा समापन
शाम 6:50 बजे से पुरस्कार वितरण व समापन समारोह शुरू होगा. इसमें केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, न्यूजीलैंड के कार्यवाहक उच्चायुक्त मैट आयर्स, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी प्रीता वर्मा शामिल होंगी. अतिथियों द्वारा महिला टीमों को मेडल देने के बाद, भारत और न्यूजीलैंड दोनों देशों की पुरुष व महिला टीमों को विशेष रूप से तैयार की गई ‘फ्रेंडशिप शील्ड’ भेंट की जाएगी.
न्यूजीलैंड के 30 सदस्यीय दल में 24 युवा माओरी खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें 12 खिलाड़ियों की पुरुष टीम को ‘तामा टोआ’ (Tama Toa) और 12 खिलाड़ियों की महिला टीम को ‘हिने टोआ’ (Hine Toa) नाम दिया गया है. जिनके साथ 6 सदस्यीय प्रबंधन टीम भी है. वहीं, भारतीय खेमे में 16 बालक और 16 बालिका खिलाड़ियों समेत कुल 32 खिलाड़ी और 8 प्रबंधन सदस्य (कुल 40 सदस्य) शामिल हैं.
भारत-न्यूजीलैंड U20 रग्बी सीरीज के लिए भारतीय U20 टीमें
पुरुष टीम
अजीत नाग, अमन, अरुण प्रजापति, बजरंगी कुमार, भरत किसान, विद्याधर माझी, चरण हेम्ब्रम, नमन यादव, प्रणव गावित, पुष्पेंद्र, राहुल माझी, राजन रावत, रोहित कुमार, सागर प्रकाश, शिवम, सुभाष हांसदा.
महिला टीम
अक्षया एन.एस., अल्पना कुमारी, अनीता मुर्मू, अनुष्का सकांल, आरती कुमारी, ब्यूटी कुमारी, दीपाली ताथे, खुशी देवी, कीर्ति जाधव, अदिति लोंढे, मामाली सिंह, रायमानी मुर्मू, सलोनी कुमारी, समृद्धि कदम, सुमित्रा मुर्मू, तनुश्री भोसले.
न्यूजीलैंड टीम में 24 युवा माओरी खिलाड़ी
न्यूजीलैंड की पुरुष टीम तामा तोआ और महिला टीम हिने तोआ में देश के विभिन्न क्षेत्रों से चुने गए कुल 24 युवा माओरी खिलाड़ी शामिल हैं. न्यूजीलैंड की U20 रग्बी टीमों का इस तरह की सीरीज के लिए भारत आना पहली बार है. राजगीर रग्बी के एक महत्वपूर्ण आयोजन स्थल के रूप में उभरा है. यहां अप्रैल 2026 में सीनियर नेशनल रग्बी चैंपियनशिप और अगस्त 2025 में एशिया रग्बी एमिरेट्स U-20 चैंपियनशिप आयोजित की गई थी.
राजगीर के लिए गर्व का पल
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक-सह-सीईओ, रवींद्रण शंकरण, ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड U20 रग्बी सीरीज की मेजबानी करना बिहार और राजगीर के लिए गर्व का अवसर है. यह आयोजन प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में राज्य की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है. दोनों देशों के युवा खिलाड़ियों का स्वागत करना अंतर्राष्ट्रीय खेल संबंधों को मजबूत करने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और बिहार के अधिक से अधिक युवाओं को रग्बी अपनाने के लिए प्रेरित करने का अवसर है.
“हम राज्य में खेलों के निरंतर विकास और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण लेने, प्रतिस्पर्धा करने तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं. 100 साल पहले, न्यूजीलैंड और भारत ने दोनों देशों के बीच खेल संबंध स्थापित करके इतिहास रचा था. आज, 100 साल बाद, न्यूजीलैंड की पहली रग्बी टीम के भारत आने के साथ एक बार फिर इतिहास रचा जाएगा.”-रवींद्रण शंकरण, महानिदेशक, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण