नैनीताल, संवाददाता। हाईकोर्ट ने उपनल कर्मियों के नियमितीकरण पर अपने पूर्व के आदेश का अनुपालन न होने पर सख्ती दिखाई। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि आदेश का अनुपालन में देरी क्यों की जा रही है। सरकार ने इस संबंध में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने सरकार की याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो जाने की जानकारी दी। साथ ही कहा कि सरकार यदि समयबद्ध तरीके से कार्रवाई नहीं करती है तो अदालत कड़ा रुख अपनाएगी।
कोर्ट ने सरकार से कहा कि उसे इस मसले में गंभीरता दिखानी चाहिए। यह मामला लंबे समय से विचाराधीन है और कोर्ट ने आदेश पारित कर दिया है। बावजूद इसके सरकार अनुपालन नहीं कर रही है। सरकार को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने होंगे।
उपनल संघटन कर्मियों की नियमितीकरण घोषणाओं और कोर्ट के आदेश के अनुपालन को लेकर सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जबकि इस मामले में सरकार की याचिका सुप्रीम कोर्ट से 2018 में ही खारिज हो चुकी है। इसके बाद भी सरकार अब तक इस मामले में चुप्पी साधे बैठी है। जबकि 3 अगस्त 2024 मीटिंग को राज्य सरकार ने सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी है।
उत्तराखंड में आई आपदाओं को देखते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने पीड़ितों की मदद करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी न्यायाधीश एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। वहीं, हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं से भी अपील की गई है कि वह राहत कार्यों के लिए मदद करें।