जिले में घरेलू गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. जिला सभागार में आयोजित ईंधन गैस से संबंधित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को गैस वितरण व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखने के लिए कहा और जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की.
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन गैस बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को निर्धारित समय के भीतर उनके घर तक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है. उन्होंने कहा कि जो उपभोक्ता पहले गैस बुकिंग कराएगा, उसे प्राथमिकता के आधार पर पहले सिलेंडर की डिलीवरी दी जाएगी. जनपद में कुल 40 गैस डिलीवरी केंद्र संचालित हैं, जहां से वाहनों के माध्यम से घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचाए जा रहे हैं.
उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि लोग अनिवार्य रूप से ऑनलाइन गैस बुकिंग की व्यवस्था का उपयोग करें और “पहले आओ, पहले पाओ” की व्यवस्था के अनुसार अपने घर पर ही गैस प्राप्त करें. जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि गैस गोदामों और वितरण केंद्रों पर लाइन लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सभी उपभोक्ताओं को घर तक गैस पहुंचाने की व्यवस्था की गई है.
जिलाधिकारी ने कहा कि आम जनता को घरेलू गैस उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. इसके लिए सभी उप जिलाधिकारियों को गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही गैस गोदामों और वितरण केंद्रों पर प्रशासन और पुलिस की टीमें तैनात करने तथा त्वरित कार्रवाई के लिए क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं.
उन्होंने बताया कि गैस से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला स्तर पर जिला आपदा कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. इस कंट्रोल रूम में जिला पूर्ति अधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है. शिकायत दर्ज कराने के लिए 05944-250250, 05944-250500 और टोल फ्री नंबर 18002333555 जारी किए गए हैं.