कार्यक्रम अध्यक्ष बलवंत सिंह चौहान ने कहा कि अब तक सामान्य वर्ग की आवाज बिखरी हुई थी, लेकिन अब बिखरी हुई आवाज नहीं, बल्कि एकजुट होकर तथ्यों और आंकड़ों के साथ लड़ाई लड़नी होगी, तभी सरकार हमारी बात सुनेगी.
सभा को मांगेराम त्यागी, ठाकुर जयपाल सिंह चौहान, अधीर कौशिक, सुनील कुमार अग्रवाल, राजू ओबराय, उत्तम सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह चौहान सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया.
पैदल मार्च कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, पुलिस रही मुस्तैद: जनसभा के समापन के बाद बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर पैदल मार्च करते हुए महाराणा प्रताप चौक, धारीवाला पहुंचे. वहां सभी ने उपजिलाधिकारी लक्सर अनिल शुक्ला को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक आयोग गठित करने की मांग की गई.
इस दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पैदल मार्च के दौरान पुलिस बल भी साथ-साथ चलता रहा, ताकि शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम संपन्न हो सके.
कार्यक्रम को सफल बनाने में ठाकुर अर्जुन सिंह चौहान, धर्मेंद्र चौहान, अतुल चौहान, शिवकुमार चौहान, ठाकुर अक्षय चौहान, पीयूष चौहान, नाथीराम चौहान, त्रिलोक चौहान, सौरभ चौहान, सचिन चौहान, अभिषेक चौहान, पंकज प्रधान, तरुण चौहान, विशाल चौहान, शिवम चौहान, रविन्द्र शर्मा और नितिन चौहान सहित आयोजन समिति के सदस्यों एवं ग्रामीणों का योगदान रहा.