हरदा की सक्रियता पर क्या बोले गणेश गोदियाल? इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल से जब हरीश रावत के अलग-अलग कार्यक्रमों और संगठन से अलग समानांतर लाइन बनाए जाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि ‘ऐसे विषय पार्टी के भीतर ही चर्चा के लिए आएंगे. किसी भी मुद्दे के समाधान के लिए पार्टी के भीतर आपसी मंथन किया जाएगा और सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा.’
ईटीवी भारत ने जब उनसे पूछा कि क्या इस मामले में हरीश रावत से भी बातचीत कर उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के स्तर पर ही कार्यक्रम जारी करने के लिए कहा जाएगा, तो इस गणेश गोदियाल का कहना था कि,
“हरीश रावत पार्टी के नेता हैं. पार्टी फोरम में ऐसे विषयों पर बातचीत की जाती है. मेरी एक दिन पहले ही हरीश रावत से मुलाकात हो चुकी है. इस दौरान प्रदेश की राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत हुई. इस विषय के साथ-साथ दूसरे मामलों पर भी रावत से चर्चा हुई है.“- गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस
वहीं, हरीश रावत की यात्रा और कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने उन्हें चिट्ठी लिखी है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि,
“हमारे ध्यान में आया है कि आप राज्य में एक यात्रा निकाल रहे हैं. इस विषय पर न तो अधोहस्ताक्षरी (मेरे) से चर्चा की गई है और न ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष के साथ/ खबरों के अनुसार, आपने हाल ही में कुछ विवादास्पद बयान भी दिए हैं. अगले कुछ महीनों में राज्य में चुनाव होने वाले हैं और पार्टी को एकजुट होकर सामने आना होगा. आप भी इस बात को समझेंगे कि इस मोड़ पर ऐसा कोई भी समानांतर (अलग) कार्यक्रम पार्टी के हित में नहीं होगा. इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप इन कार्यक्रमों को आगे न बढ़ाएं.“-कुमारी सैलजा, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी, उत्तराखंड
कांग्रेस के लिए आसान नहीं हरदा की सक्रियता को नजरअंदाज करना: फिलहाल, कांग्रेस नेतृत्व सीधे तौर पर रावत की सक्रियता को लेकर किसी टकराव की स्थिति में जाने के बजाय बातचीत और आपसी मंथन के रास्ते पर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है. हालांकि, राजनीतिक तौर पर हरीश रावत की वापसी और उसके बाद लगातार बढ़ती सक्रियता को नजरअंदाज करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा.
खासकर तब जब पार्टी चुनावी तैयारियों में जुटी है और संगठन के समानांतर रावत के व्यक्तिगत कार्यक्रम भी राजनीतिक संदेश दे रहे हैं. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि रावत की सक्रियता कांग्रेस संगठन के साथ समन्वय बनाकर आगे बढ़ती है या उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर एक अलग राजनीतिक धुरी के तौर पर और मजबूत होती है.