मलयालम फिल्म उद्योग के लिए अच्छा शगुन लेकर आया साल 2024, पहली तिमाही में कमा डाले इतने करोड़ – Uttarakhand Surya

मलयालम फिल्म उद्योग के लिए अच्छा शगुन लेकर आया साल 2024, पहली तिमाही में कमा डाले इतने करोड़

साल 2023 में मलयालम सिनेमा को एक बड़ी निराशा का सामना करना पड़ा। उद्योग के लिए यह साल काफी नुकसानदायक रहा। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म उद्योग को इस साल सामूहिक तौर पर 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। साल खत्म होते-होते उद्योग खुद को काफी नीचे जाता हुआ देख रहा था। ‘आरडीएक्स’ जैसी फिल्मों की सफलता के बाद भी इंडस्ट्री खुद को इस मुश्किल से निकालने में कामयाब नहीं रही। केवल कुछ ही ऐसी फिल्में थीं, जिन्होंने निर्माताओं को बड़े नुकसान से बचाया। लेकिन, साल 2024 की शुरुआत इस इंडस्ट्री के लिए अच्छा शगुन लेकर आई है। इस साल इस इंडस्ट्री ने वापसी की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस साल की तिमाही में वैश्विक स्तर पर मलयालम फिल्म उद्योग ने कुल 670 करोड़ रुपये का व्यापार किया है। आइए जानते हैं इस वर्ष मलयालम फिल्म उद्योग का सफर कैसा रहा? और कौन-कौन सी फिल्मों ने अच्छा प्रदर्शन कर इसकी वापसी में सहयोग किया?

जनवरी

साल 2023 में खराब प्रदर्शन के बाद फिल्म उद्योग ने नए साल के पहले महीने में ‘आट्टम’ रिलीज हुई। इस फिल्म को दर्शकों की काफी प्रशंसा मिली। फिल्म ने एक बार फिर मलयालम फिल्म उद्योग को चर्चा में ला दिया। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर इसने औसत प्रदर्शन ही किया, लेकिन इसके डिजिटल प्रीमियर ने काफी सुर्खियां बटोरीं और दर्शकों ने भी इसे खूब सराहा। जनवरी के तीसरे हफ्ते में ममूटी स्टारर ‘नानपाकल नेरथु मयाक्कम’ ने मलयालम सिनेमा को एक मजबूत शुरुआत दी। वहीं, फिल्म ‘आट्टम’ के छह दिन बाद आई मिधुन मैनुएल थॉमस की क्राइम थ्रिलर ‘अब्राहम ओजलर’ ने उद्योग को बूस्ट किया। एक औसत फिल्म होने के बाद भी ‘ओजलर’ ने दर्शकों की प्रशंसा बटोरीं। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 40.7 करोड़ रुपये का वैश्विक कलेक्शन किया। हालांकि, इस दौरान मोहनलाल की फिल्म ‘मलाइकोट्टई वालिबन’ कुछ खास कमाल नहीं कर पाई।

फरवरी

साल के दूसरे महीने में मलयालम सिनेमा की सात फिल्में रिलीज हुईं। इनमें से ज्यादातर खास प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इन फिल्मों में से ममूटी की ‘भ्रमयुगम्’ पर सबकी निगाहें टिकी हुई थीं। फिल्म ने काफी बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि, फरवरी के दूसरे सप्ताह में दो फिल्में रिलीज हुईं। जिनमें ‘अन्वेशीपिन कैंडेथम’ और ‘प्रेमलु’ शामिल थी। ‘प्रेमलु’ की सरल और प्रभावशाली कहानी ने सभी को चौका दिया। फिल्म को काफी प्रशंसा मिली। फिल्म दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रही। राजामौली के बेटे कार्तिकेय ने ‘प्रेमलु’ के लिए तेलुगु वितरण अधिकार हासिल कर लिए, जो हाल ही में दुनिया भर में 130 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई के बाद वर्ष की पहली ब्लॉकबस्टर बन गई। इस सूची में दो और फिल्में शामिल हुईं पहली डॉन पलाथारा की ‘फैमिली’ और चिदंबरम की ‘मंजुम्मल बॉयज’। ये दोनों फिल्में हिट साबित हुईं। ‘मंजुम्मल बॉयज’ ने देशभर के दर्शकों का दिल जीता।

मार्च

साल के तीसरे महीने की शुरुआत में कोई बड़ी फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक नहीं दे पाई। हालांकि, कुछ छोटी फिल्मों ने प्रयास किया, लेकिन वो कुछ खास नहीं कर पाईं। पृथ्वीराज सुकुमारन अभिनीत बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘आडुजीविथम: द गोट लाइफ’ की रिलीज पर ध्यान गया। फिल्म ने हाल की ब्लॉकबस्टर फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए 7.6 करोड़ रुपये का घरेलू कलेक्शन किया। बता दें कि 8 मार्च को रिलीज हुई  ‘आडुजीविथम: द गोट लाइफ’  ने सिनेमाघरों में दबदबा बनाया और पहले हफ्ते में 47 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इस तरह से मलयालम फिल्म उद्योग ने साल की पहली तिमाही में अपनी शानदार वापसी की है।

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