देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था होगी चकाचक, अब शहर में बनेंगे महानगरों की तर्ज पर ट्रैफिक पुलिस स्टेशन

शहर में बढ़ते ट्रैफिक के बाद जाम की स्थिति लगातार बनी हुई है. सड़क किनारे वाहनों के लगने से जाम लगना आम बात हो गई. वहीं देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए नई पहल की है. देहरादून शहर में अब महानगरों की तर्ज पर ट्रैफिक पुलिस स्टेशन बनाया जाएगा, जिससे हर स्टेशन की जिम्मेदारी ट्रैफिक इंस्पेक्टर को दी जाएगी और वह ही ट्रैफिक से संबंधित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने का काम करेगा. इस पहल में देहरादून जनपद में कुल 6 ट्रैफिक पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे, जिसमें देहरादून शहर के लिए 4, विकासनगर में एक और ऋषिकेश में एक ट्रैफिक पुलिस स्टेशन स्थापित होगा. साथ ही ट्रैफिक पुलिस स्टेशन में इंचार्ज की ट्रैफिक कम करने की जिम्मेदारी रहेगी.

शहर में वाहन चालक पार्किंग में ना खड़ा करके सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करके चले जाते हैं, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है. लेकिन अब जिस तरह शहर के अलग-अलग चार क्षेत्रों में ट्रैफिक पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे, उससे ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होने की संभावना जताई जा रही है. साथ ही सड़क किनारे खड़े वाहनों को टो करने की गाड़ियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, जिससे ट्रैफिक पुलिस द्वारा अधिक से अधिक कार्रवाई करते हुए यातायात को सुचारू किया जा सके.

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया है कि देहरादून में ट्रैफिक की समस्या काफी बड़ी है और पिछले एक महीने में दून पुलिस द्वारा अध्ययन किया गया. जिसके बाद देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर बदलाव किए जाएंगे. इसमें सबसे अधिक महत्वपूर्ण रहेगा कि जिस तरह महानगरों में ट्रैफिक पुलिस स्टेशन होते हैं, इसी तर्ज पर देहरादून में भी ट्रैफिक पुलिस स्टेशन बनाने की पहल कर रहे हैं. जिसमें जो ट्रैफिक इंस्पेक्टर अधिकारी है उनको क्षेत्र साइन किया गया है, वही पर ट्रैफिक पुलिस स्टेशन दिया जाएगा. वहीं से ट्रैफिक की ड्यूटी को लगाना और वाहनों के चालानों का समन समेत अन्य ट्रैफिक से संबंधित कार्य किए जाएंगे.

साथ ही बताया है कि ट्रैफिक की टोइंग क्रेन करने वाली गाड़ियों की संख्या बढ़ाए जाने का विचार किया गया है .पूर्व में 9 टोइंग क्रेन गाड़िया शहर में गाड़ियों को टो कर रही थी, लेकिन इनको अब बढ़ाकर 20 किया जाएगा. जिससे अतिक्रमण की समस्या या फिर सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को हटाया और अधिक से अधिक ट्रैफिक पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा सके. इस तरह से शहर में ट्रैफिक का दबाव को कम करने के लिए संबंधित ट्रैफिक इंचार्ज वह जिम्मेदार रहेंगे और हेडक्वार्टर में रहकर ट्रैफिक ड्यूटी को संचालित करेंगे.




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