उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड भंग हो गया है। प्रदेश में 1 जुलाई से मदरसा बोर्ड का अंत हो जाएगा। मदरसों के लेकर धामी सरकार सख्त नजर आ रही हैं।
उत्तराखंड के मदरसों के लेकर धामी सरकार सख्त नजर आ रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है। सीएम ने कहा कि मदरसा शिक्षा प्रणाली में बदलाव करना होगा। मदरसा को भी अब मुख्यधारा के शिक्षा बोर्ड से जोड़ना होगा। बता दें राज्य में मदरसा बोर्ड पूरी तरह भंग हो जाएगा।
उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां मदरसा बोर्ड को खत्म कर अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाएगा। धामी सरकार ने पिछले साल इसकी घोषणा की थी। इसके बाद, अब नई व्यवस्था को लागू करने के लिए एक अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। यह प्राधिकरण छात्रों के लिए पाठ्यक्रम तय करेगा। वहीं अब अल्पसंख्यक संस्थानों को उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड (uk board) से मान्यता मिलेगी।
शासन ने उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में प्रोफेसर सुरजीत सिंह गांधी को अध्यक्ष, प्रो. राकेश जैन, डॉ.सैय्यद अली हमीद, प्रो.पेमा तेनजिन, डॉ.एल्बा मेड्रेले, प्रो.रोबिना अमन, प्रो.गुरमीत सिंह, सेवानिवृत्त IAS चंद्रशेखर भट्ट और राजेंद्र सिंह बिष्ट को सदस्य बनाया है। वहीं शिक्षा महानिदेशक और निदेशक SCERT इसमें पदेन सदस्य होंगे। जबकि निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण पदेन सदस्य सचिव बनाए गए हैं।