राहुल गांधी ने कहा था फोन के अंदर डोभाल बैठे हैं: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अजित डोभाल के पास देश के लोगों के फोन, वॉट्सऐप और फेसबुक की जानकारी है तथा फोन टैप कराए जाते हैं. उन्होंने दावा किया कि इस तरह से जुटाई गई जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाई जाती है. उन्होंने एनएसए अजित डोभाल को देश की व्यवस्था को नियंत्रित करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में शामिल बताया था. राहुल गांधी ने अपना फोन दिखाते हुए कहा था कि ‘इस फोन के अंदर डोभाल जी बैठे हैं, आपके फोन के अंदर डोभाल जी बैठे हैं,’
उत्तराखंड में राहुल गांधी के डोभाल पर लगाए आरोपों का विरोध हो रहा है: राहुल गांधी के इन आरोपों की देश भर में आलोचना हुई थी. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ सभी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने राहुल गांधी के आरोपों का विरोध किया था. यहां तक कि पूर्व सैन्य अधिकारियों ने इसे देश के लिए घातक बयान बताया था.
हरीश रावत, राहुल गांधी के समर्थन में आए: अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने इस मामले पर राहुल गांधी का समर्थन किया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट लिखकर कहा कि उत्तराखंड के सीएम से लेकर तमाम नेता राहुल गांधी द्वारा अजित डोभाल पर की गई टिप्पणी को उत्तराखंड का अपमान बता रहे हैं.
हरीश रावत ने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों को उनकी टिप्पणी को सकारात्मक रूप में लेना चाहिए. राहुल गांधी तो अपने विपक्ष का धर्म निभा रहे हैं. राहुल गांधी अगर सरकार के कार्यों से खुश नहीं हैं और उन नीतियों के क्रियान्वयन में अजित डोभाल भी सहभागी हैं तो निश्चय ही उन पर टिप्पणी की जाएगी. उनकी आलोचना की जाएगी और कटाक्ष भी होंगे. इसे स्थानीयता का मुद्दा बनाना नासमझी है.