तट को पार करते समय 100 से 110 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है. यह नेल्लोर और नरसपुर के बीच तट को पार करेगा और आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना के कई जिलों को प्रभावित करेगा. इसके बाद यह हैदराबाद, वारंगल और करीमनगर होते हुए महाराष्ट्र की ओर बढ़ेगा. यह भीषण तूफान मंगलवार सुबह एक चक्रवात (साइक्लोन) का रूप ले लेगा और 4 तारीख की सुबह तक धीरे-धीरे कमजोर होकर एक चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा.
इस चक्रवाती तूफान मुरासु के असर से, अगले तीन दिनों तक आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय इलाकों और रायलसीमा जिलों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. सोमवार दोपहर से तटीय इलाकों में 80 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं. सोमवार को कृष्णा, गुंटूर, बापटला, मरकापुरम, प्रकाशम और नेल्लोर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, और कहीं-कहीं बहुत अधिक भारी बारिश भी हो सकती है.
एलुरु, पश्चिम गोदावरी, पूर्वी गोदावरी, एनटीआर, पालनाडु, तिरुपति और चित्तूर जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. अल्लूरी सीतारामाराजू, पोलावरम, काकीनाडा, डॉ. बी.आर. में कुछ स्थानों अम्बेडकर कोनसीमा, नांदयाल, वाईएसआर कडपा और अन्नामय्या जिले में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मंगलवार को अल्लूरी सीतारामाराजू, पोलावरम और एलुरु जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. विजयनगरम, एनटीआर, पालनाडु, मार्कापुरम, प्रकाशम, नेल्लोर, तिरुपति, चित्तूर और अन्नामय्या जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.