क्या कहते हैं स्थानीय लोग: चित्रकारी मनुष्य के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं. एक हजार शब्दों से ज्यादा एक चित्र ही प्रभावित कर देता है. हरिद्वार में दीवारों पर जो सनातनी धार्मिक देवी देवताओं के चित्र बनाए जा रहे हैं, वो प्रशासन का सराहनीय कदम है.
-पंडित मनोज त्रिपाठी, मुख्य पुजारी, नारायणी शिला मंदिर-
दीवारों पर प्राचीन संस्कृति और वेदों की ऋचाएं सजीव दस्तावजे बन गई है. इनके पास से गुजरने वाले श्रद्धालु आसानी से अपनी संस्कृति के बारे में जान सकेंगे. खासकर युवा पीढ़ी पर इसका अनुकूल प्रभाव पड़ेगा.
-सुनील बत्रा, प्राचार्य, एसएमजेएन कॉलेज-
कुंभ मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं. ऐसे में शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ उसकी धार्मिक पहचान को भी प्रमुखता देने पर जोर है. कुंभ मेला प्रशासन को सुझाव दिया था कि कनखल क्षेत्र में भी पुराने भवनों की साज सजावट की जाए. यहां रंग रोगन के साथ ही मंदिरों के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है.
-सुनील दत्त पांडे, स्थानीय निवासी, कनखल-
क्या बोल अधिकारी: अपर कुंभ मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि कुंभ मेले को लेकर हरिद्वार को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है. शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता देते हुए सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है.
कनखल की पुरानी इमारतों को एकरूप रंगों से सजाने के साथ प्रमुख मार्गों और फ्लाईओवर पर धार्मिक चित्रकारी के माध्यम से सनातन संस्कृति को प्रदर्शित किया जा रहा है. एचआरडीए और एनएचएआई समेत कई विभागों को सौंदर्यीकरण के कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है. नवंबर के अंत तक इन कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
-दयानंद सरस्वती, अपर कुंभ मेलाधिकारी-

