देहरादून–ऋषिकेश NH-07 पर सड़क चौड़ीकरण और फ्लाईओवर निर्माण के लिए 3,000 से अधिक पेड़ों की कटाई जारी है। इसको लेकर स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता पर असर पड़ सकता है। लोगों की मांग है कि वैकल्पिक योजना बनाकर अधिक से अधिक पेड़ों को बचाया जाए।
पर्यावरणविद पद्मश्री डॉ. अनिल जोशी का कहना है कि विकास आवश्यक है, लेकिन जंगलों का अंधाधुंध दोहन चिंताजनक है।
वहीं, NHAI के अनुसार ₹743 करोड़ की इस करीब 20 किलोमीटर लंबी परियोजना से देहरादून, जॉलीग्रांट एयरपोर्ट और ऋषिकेश के बीच यातायात सुगम होगा। एजेंसी का कहना है कि प्रतिदिन लगभग 18,456 वाहनों के दबाव को देखते हुए यह परियोजना जरूरी है। साथ ही 754 पेड़ों के प्रतिरोपण, एलीफेंट अंडरपास, साउंड बैरियर और अन्य पर्यावरण संरक्षण उपाय भी किए जा रहे हैं।
NHAI का दावा है कि परियोजना को सभी आवश्यक पर्यावरणीय और वैधानिक मंजूरियां प्राप्त हैं।