MP, राजस्थान-गुजरात से सफर कर पहुंचे उत्तराखंड, चारधाम ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद होने से फंसे तीर्थ यात्री – Uttarakhand Surya

MP, राजस्थान-गुजरात से सफर कर पहुंचे उत्तराखंड, चारधाम ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद होने से फंसे तीर्थ यात्री

गुजरात से हजारों किलोमीटर का सफर कर तीर्थ यात्रियों का एक दल उत्तराखंड पहुंचा है। लेकिन, कई दिनों की मेहनत के बाद भी वह चारधाम यात्रा पर नहीं जा सकेंगे। पिछले चार दिनों से 35 तीर्थ यात्रियों का दल हरिद्वार में फंसा हुआ है। एमपी, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि राज्यों के यात्री भी फंसे हुए हैं।चारधाम ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद होने की वजह से तीर्थ यात्रियों को गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ समेत चारों धामों में जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पिछले चार दिनों से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं होने की वजह से श्रद्धालु काफी परेशान हैं।

तीर्थ यात्रियों का कहना था कि गुजरात से टोल फ्री नंबर पर बात करने पर हरिद्वार पहुंच कर पंजीकरण मिलने की बात कही गई थी। लेकिन, हरिद्वार पहुंचने पर ऑफलाइन पंजीकरण बंद था। तीर्थ यात्रियों ने चिंता जताई कि घर से निकलने से पहले जितने रुपये वे लेकर निकले थे वो भी अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है।तीर्थ यात्रियोंकी की मांग है कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन जल्द से जल्द शुरू किया जाए। नाराज यात्रियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध भी दर्ज कराया।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद होने से यात्रियों का फूटा गुस्सा
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप में रुके यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने चारधाम ट्रांजिट एवं पंजीकरण केंद्र में हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया। यात्रियों का कहना था कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन अविलंब शुरू किया जाए। यात्रियों के आक्रोशित होने पर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।

मौके पर पहुंचकर अपर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने किसी तरह से यात्रियों को समझाकर शांत कराया।ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत अन्य राज्यों के यात्री रुके हैं।रजिस्ट्रेशन बंद होने पर शुक्रवार सुबह करीब दस बजे यात्री भड़क गए। उन्होंने ट्रांजिट केंद्र में प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय के बाहर रजिस्ट्रेशन के लिए हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित यात्री शीघ्र पंजीकरण शुरू करने की मांग क रहे थे।

हंगामा बढ़ने पर अपर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल, एसडीएम कुमकुम जोशी और नगर आयुक्त शैलेंद्र सिंह नेगी ने किसी तरह से यात्रियों को समझाया। तीर्थयात्रियों का कहना था कि वह यात्रा करने के लिए यहां पहुंचे हैं, न कि ऋषिकेश में रुकने के लिए।उनका कहना था कि कुछ यात्रियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, लेकिन उन्हें दर्शन के लिए तिथि ही 20 मई के बाद की दी गई है। सप्ताहभर पहले यहां आने के बाद लंबी लाइनों में लगकर बामुश्किल रजिस्ट्रेशन कराया। अब उन्हें यात्रा पर जाने नहीं दिया जा रहा है, जिससे रोजाना उन्हें दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।

अपर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने बताया कि धामों में क्षमता से अधिक यात्रियों के पहुंचने से दिक्कत आ रही है, जिस कारण ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन फिलहाल 19 मई तक बंद हैं। आला अधिकारियों से कम भीड़ वाले धामों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू करने के लिए अनुमति की वार्ता चल रही है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।

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