राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में सामने आए मेस फर्जीवाड़े और अव्यवस्थाओं के बीच एमबीबीएस छात्रों के लिए अचानक गर्मी की छुट्टियां घोषित किए जाने से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। कॉलेज प्रशासन द्वारा 25 मई से 3 जून 2026 तक MBBS के सभी बैचों के लिए “हीटवेव समर वेकेशन” घोषित कर दी गई है। साथ ही निर्धारित Internal Examination भी अगली सूचना तक स्थगित कर दिए गए हैं।
इस फैसले के बाद कॉलेज परिसर और छात्र समुदाय में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हाल ही में मेडिकल कॉलेज के मेस संचालन को लेकर वित्तीय अनियमितताओं, मेस फीस की FD, टेंडर प्रक्रिया में देरी और खाने की गुणवत्ता को लेकर विवाद सामने आए थे। ऐसे में छुट्टियों की टाइमिंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने पर्वतजन से स्पष्ट कहा कि अचानक छुट्टी घोषित करने का फैसला केवल बढ़ती गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसका मेस विवाद या हाल में सामने आए मामलों से कोई संबंध नहीं है।

डॉ. गीता जैन के अनुसार, “गर्मी अत्यधिक बढ़ गई है और छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया। कॉलेज प्रशासन की प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य है।”
उन्होंने यह भी बताया कि मेस से जुड़े मामले में जांच प्रक्रिया जारी है और प्रशासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
मेडिकल कॉलेज में मेस संचालन को लेकर पिछले दिनों कई गंभीर आरोप सामने आए थे। रिपोर्टों के अनुसार लाखों रुपये के लेनदेन, मेस फीस की FD, पुराने टेंडर में अनियमितता और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हुए थे। मामले में स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय भी सक्रिय हो गया है।
प्राचार्य ने बताया कि मेस संचालन को सुचारु बनाने के लिए नया टेंडर भी जारी कर दिया गया है। प्रक्रिया जल्द पूरी होने के बाद नई व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।