धर्मनगरी हरिद्वार में बीती रात से तेज बारिश होने का दौर लगातार जारी रहा. लगातार हो रही तेज बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, लेकिन कांवड़ मेले की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा. मूसलाधार बारिश के बीच भी हजारों शिवभक्त कंधों पर कांवड़ उठाकर अपने गंतव्यों की ओर बढ़ते रहे. बारिश में भीगते हुए शिवभक्त पूरे उत्साह के साथ हर हर महादेव और बोल बम के जयघोष लगाते हुए हाईवे और कांवड़ पटरी पर आगे बढ़ते नजर आए.
वहीं प्रशासन भी बारिश को लेकर अलर्ट हैं. सुबह से ही जलनिकासी कराई जा रही है. चौक चौराहों पर पुलिसकर्मी मुस्तैद हैं. बारिश के कारण शहर में भगत सिंह चौक, रानीपुर मोड, कनखल और लाटोवाली में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. हालांकि आंतरिक मार्गों पर कांवड़ियों की एंट्री नहीं हैं. कांवड़ियों को कांवड़ पटरी और हाइवे से गुजारा जा रहा है. लेकिन तेज बारिश के कारण हुए जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

बताया जा रहा है कि पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गंगा में अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है. इसी वजह से हरिद्वार पहुंचने वाले पानी की मात्रा बढ़ी है और भीमगोड़ा बैराज पर जलस्तर में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है. हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरी तरह अलर्ट मोड में है. यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं. वहीं निचले इलाकों में बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. यूपी सिंचाई विभाग के जेई हरीश कुमार ने बताया कि बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ गया है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. सभी बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं और लोगों से गंगा किनारे न जाने की अपील भी की गई है.

उधर, कांवड़ मेले के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार हाईवे, कांवड़ पटरी और गंगा घाटों पर तैनात हैं. निगम प्रशासन द्वारा जलभराव वाले क्षेत्रों में निकासी की व्यवस्था की जा रही है, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.