हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद घोटाले की जांच में शुक्रवार को सतर्कता अधिष्ठान उत्तराखंड ने बड़ा कदम उठाते हुए आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। थाना सतर्कता सेक्टर, देहरादून में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 12/2026 में न्यायालय से जारी सर्च वारंट के अनुपालन में विजिलेंस की आठ टीमों ने आरोपियों के घरों पर हाउस सर्च शुरू किया। तलाशी के दौरान दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।
यह मामला हरिद्वार नगर निगम द्वारा 54 करोड़ भूमि घोटाला खरीद में अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़ा है। आरोप है कि नगर निगम के लिए भूमि खरीद के दौरान बाजार मूल्य से कहीं अधिक कीमत पर सौदा किया गया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की क्षति पहुंची। मामला सामने आने के बाद यह प्रदेश के सबसे चर्चित वित्तीय घोटालों में शामिल हो गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद शासन ने मामले की सतर्कता जांच कराने का निर्णय लिया। जांच के दौरान कई अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका संदेह के घेरे में आई, जिसके आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
शुक्रवार को न्यायालय से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर सतर्कता अधिष्ठान की आठ टीमों ने सभी नामजद आरोपियों के आवासों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से जांच को महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं। विजिलेंस ने संकेत दिए हैं कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब तक की सबसे महत्वपूर्ण जांचों में से एक मानी जा रही है।