पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश एक बार फिर लोगों की परेशानी का कारण बनी. मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास मंगलवार को हुए ताजा भूस्खलन ने पूरे यातायात तंत्र को प्रभावित कर दिया. पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और एक बड़ा पेड़ सड़क पर आ गिरा. जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया. सड़क बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसे रहने को मजबूर होना पड़ा. बुधवार को करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग खोला गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर बाद अचानक पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने शुरू हुए. देखते ही देखते एक विशाल पेड़ भी सड़क पर आ गिरा. जिससे मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया. सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस ने तत्काल वाहनों की आवाजाही रोक दी. आनन फानन में मार्ग को खोलने का काम शुरू हुआ.
मार्ग बंद होने का सबसे अधिक असर मसूरी को मिलने वाली आवश्यक सेवाओं पर पड़ा. दूध, सब्जी, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान लेकर आने वाले वाहन भी जाम में फंस गए. कई पर्यटक वाहन और स्थानीय लोगों की गाड़ियां घंटों तक सड़क पर खड़ी रहीं. स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर पड़े मलबे और पेड़ को हटाने का कार्य शुरू किया. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मार्ग को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया गया. दो घंटे की मेहनत के बाद मार्ग को खोल दिया गया है.
गौरतलब है कि इसी स्थान पर पिछले दिनों भी भारी भूस्खलन से सड़क क्षतिग्रस्त हुई थी. उसके बाद मरम्मत और सुरक्षा कार्य किए गए थे, लेकिन एक बार फिर उसी क्षेत्र में भूस्खलन होने से सड़क की सुरक्षा व्यवस्था और पहाड़ी के स्थायी उपचार पर सवाल खड़े होने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में इस क्षेत्र का संवेदनशील होना प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए चिंता का विषय होना चाहिए.
बरसात के मौसम में लगातार मार्ग बाधित होने से पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो रहा है. मसूरी आने वाले पर्यटकों को रास्ते में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. जिससे उनकी यात्रा का अनुभव खराब हो रहा है. वहीं स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बार-बार सड़क बंद होने से कारोबार पर भी असर पड़ रहा है.